अंजलि बिरला जीवनी [Anjali Birla Biography In Hindi]

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अंजलि बिरला, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बेटी है । जो अपने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विस (Civil service examination) परीक्षा पास कर ली । 4 अगस्त 2020 को यूपीएससी (UPSC) ने परिणाम घोषित कर दिया था । 2019 के सिविल सेवा परीक्षा के रिजल्ट में अंजलि ने अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर लिया । इस परीक्षा को पास करने के लिए अंजलि दैनिक रूप से 10-12 घंटे अध्ययन किया करती थी साथ ही अंजलि को दीदी का पूरा सपोर्ट मिला था । अंजलि की दीदी उसे अध्ययन के समय मदद करती थी साथ ही भारत का सबसे बड़ा चयन परीक्षा के लिए मोटिवेट भी करती थी । अंजलि ने अपने चयन का श्रेय अपनी दीदी को दिया क्योंकि उन्होंने अंजलि की काफी मदद की थी । इसके अलावा अंजलि को पूरा परिवार का पूरा सपोर्ट मिला था ।

नामअंजलि बिरला
उपनामज्ञात नहीं
जन्म तिथिज्ञात नहीं
उम्र23 (6 जनवरी 2021 के अनुसार)
पिताओम बिरला
माताअमिता बिरला
दीदीआकांक्षा बिरला
जन्म स्थलकोटा, राजस्थान, भारत
स्कूलसोफिया स्कूल कोटा
कॉलेजरामजस कॉलेज दिल्ली
यूपीएससी रैंकज्ञात नहीं
राष्ट्रीयताभारतीय

प्रारंभिक जीवन

23 वर्षीय (6 जनवरी के अनुसार) अंजलि के पिता ओम बिरला, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता हैं और लोकसभा के स्पीकर भी हैं । उनकी माता अमिता बिरला एक डॉक्टर हैं तथा बड़ी दीदी आकांशा एक सीए (CA) हैं जिन्होंने अंजलि की बहुत सहायता की थी । अंजलि ने अपने स्कूल की पढ़ाई कोटा के “सोफिया स्कूल” से की थी यहीं से कला (Arts) समूह लेकर अपनी 12 वीं की कक्षा उत्तीर्ण की थी । वो बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थी इसके साथ – साथ वो अन्य क्रियाकलापों में भी अच्छी थी । इसके बाद आगे की पढ़ाई इन्होंने दिल्ली के “रामजस कॉलेज” से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) किया। इसके पश्चात वो लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी में जुट गई । परिवार के सभी सदस्य किसी न किसी सेवा कार्य में लगे हुए हैं इसी कारण से अंजलि भी अपने परिवार की तरह सिविल सेवा द्वारा लोगों कि सेवा करना चाहती है इसीलिए उन्होंने इस राह को चुना । उन्होंने इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की दिन में 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करती थी तथा दीदी भी अपने तरफ़ से थोड़ी बहुत मदद कर देती थी । कड़ी मेहनत के पश्चात 2019 में अंजलि ने सिविल सेवा परीक्षा में भाग लिया । 4 अगस्त 2020 को यूपीएससी (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जिसमें अंजलि का नाम भी शामिल था ।

सफलता की कहानी

माता – पिता तथा दीदी तीनों अपने – अपने पद पर लोगों के सेवा में लगे हुवे हैं । इसी से प्रेरित होकर लोक सेवा आयोग के पदों द्वारा अंजलि भी जन सेवा करना चाहती थी । उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वो महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करना चाहती है । वो कला समूह (Arts) में अध्ययन कर रही थी इसलिए थोड़ी बहुत जानकारी पहले से हो चुकी थी । कॉलेज की पढ़ाई उन्होंने राजनीति विषय पर की । इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए जुनून इस प्रकार था कि वो प्रतिदिन 10-12 घंटों की पढ़ाई करती थी । परीक्षा के मेहनत जारी थी । यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा को भारत का सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है तथा इस परीक्षा के तैयारी के लिए हमेशा मोटिवेट रहने कि आवश्यकता होती है । मोटिवेट रहने के लिए बड़ी दीदी हमेशा अंजलि की मदद करती थी । अंजलि को पूरा परिवार के तरफ से पूरा सहयोग मिलता था ।

2.5 साल की कड़ी एवं निरंतर परिश्रम के पश्चात उन्होंने 2019 में यूपीएससी (UPSC) की परीक्षाएं दिलाई । परीक्षा के तैयारी के लिए उन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन्स विषय चुना था । उनका सबसे प्रेरणा का स्त्रोत उनके पिता जी थे । उन्ही के मार्गदर्शन पर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा दिलाने के बारे में सोचा । पिता के 18 घंटों के निरंतर कार्य को देखकर अंजलि को पढ़ाई करने का प्रेरणा मिलता था । 4 अगस्त 2020 को सिविल सेवा परीक्षा आयोग ने यूपीएससी की रिजल्ट घोषित की । 4 जनवरी 2021 को 89 लोगों की एक सूची जारी हुई जिसमें अंजलि का नाम भी शामिल था । अपने पहले ही प्रयास में अंजलि ने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर ली । दूसरे लिस्ट में अंजलि का नाम आया ।

इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए पूरा परिवार का सहयोग रहा । उनकी दीदी तथा माता दोनों अंजलि की सारी सुविधाओं और जरूरतों का खास खयाल रखते थे । अंजलि की हर जरूरतों को पूरा किया जाता था । अंजलि बस दिनभर पढ़ाई करती थी । वो सुरुवात से ही पढ़ाई में अव्वल थी तथा उनकी कठोर परिश्रम उन्हें यह बड़ा सफलता दिलाई ।

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