अर्नब गोस्वामी जीवनी / जीवन परिचय (Arnab Goswami Biography In Hindi)

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अर्नब गोस्वामी एक भारतीय पत्रकार है और भारत के एक प्रचलित न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक हैं । वे रिपब्लिक टीवी न्यूज चैनल में एंकरिंग करते हुवे भी नजर आते हैं और वे रिपब्लिक टीवी के प्रबंध निदेशक भी हैं । वे रिपब्लिक टीवी के हिंदी और इंग्लिश चैनल के मालिक हैं । इससे पहले वो टाइम्स नाव और ईटी नाव जैसे चैनल के एंकर और मुख्य संपादक 2006 से लेकर 2016 तक 10 साल के लिए रहे हैं । टाइम्स नाव में काम करते समय वे न्यूज आवर शो में एंकरिंग किया साथ ही रात को लाइव डिबेट शो भी किया करते थे । उन्होंने फ्रेंकली स्पीकिंग विथ अर्णब शो भी होस्ट किया । अपने काम के कारण वे बहुत जल्दी फेमस भी हो गए । टाइम्स नाव के साथ काम करने के कुछ वर्षों पश्चात अर्नब ने 2016 ने अपने पद से स्टीफा दे दिया था उन्होंने एनडीटीवी और द टेलीग्राफ के साथ भी काम किया था । इस्तीफा देने के अगले वर्ष 2017 में अर्नब ने अपना खुद का न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी खोला । कई चैनलों के साथ काम करके उन्हें अच्छा खासा अनुभव भी हो गया था जिस कारण से उनका चैनल भी अच्छा – खासा चल पड़ा ।

नामअर्नब गोस्वामी
उपनामनहीं पता
जन्म तिथि9 अक्टूबर 1973
पितामनोरंजन गोस्वामी
मातासुप्रभा गोस्वामी
जन्म स्थलगुवाहाटी, असम
स्कूलसेंट मेरी स्कूल दिल्ली, केंद्रीय विद्यालय जबलपुर
कॉलेजहिन्दू विश्वविद्यालय दिल्ली यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी
व्यवसायपत्रकार
पत्नीसम्याब्रता राय गोस्वामी
कद / हाइटफीट इन्च- 5″11
राष्ट्रीयताभारतीय

प्रारंभिक जीवन

अर्नब का जन्म 7 मार्च 1973 को गुवाहाटी, असम में हुआ था । उनके पिता का नाम मनोरंजन गोस्वामी तथा माता का नाम सुप्रभा गोस्वामी है । पिता भारतीय आर्मी में थे और 30 वर्षों के पश्चात रिटायर हो गए और इसके बाद पिता ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर लिया । पिता ने बीजेपी तो ज्वॉइन किया मगर उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई । पिता ने इसके अलावा कई किताबें भी लिखी । उनकी माताजी भी एक लेखिका थी । पिता एक भारतीय सैनिक थे जिस कारण से अर्नब को कई जगहों पर जाकर पढ़ाई करनी पड़ी । उन्होंने अपनी 10 कक्षा दिल्ली के सेंट मेरी स्कूल दिल्ली से पास की । इसके आगे 12 वीं बोर्ड की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय जबलपुर से पूरी की । आगे की पढ़ाई उन्होंने फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू विश्वविद्यालय से सोशियोलॉजी विषय में बैचलर डिग्री प्राप्त की । इसके पश्चात 1994 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से सोशल एंथ्रोपोलॉजी से मास्टर डिग्री प्राप्त की ।

उनके पितामह रजनी कांता गोस्वामी एक वकील थे। उनके नाना, गौरीशंकर भट्टाचार्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के एक निर्वाचित विधायक थे और कई वर्षों तक असम में विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया। कुछ वर्षों पश्चात अर्नब ने सम्याब्रता राय गोस्वामी से विवाह कर लिया । उनकी पत्नी भी एक पत्रकार है और रिपब्लिक टीवी की सह मालकिन भी है ।

व्यवसाय

अर्नब ने अपने करियर की शुरुवात बतौर एक पत्रकार के रूप में सुरुवात की । इस बीच उन्होंने कई मीडिया नेटवर्क के साथ मिलकर काम किया । कई वर्षों के पत्रकार करियर में अनुभव के उन्होंने खुद का एक चैनल रिपब्लिक टीवी की शुरुवात की । रिपब्लिक टीवी को शुरू करने से पहले ही वे अच्छा प्रसिद्धि बटोर चुके थे ।

द टेलीग्राफ और एनडीटीवी

अर्नब ने अपने पत्रकार करियर की शुरुवात द टेलीग्राफ और एनडीटीवी के साथ की । अर्नब ने अपने करियर की शुरुवात द टेलीग्राफ के साथ की उन्होंने द टेलीग्राफ को एक पत्रकार के रूप में कोलकाता में ज्वाइन किया । एक साल पूरा नहीं हुआ था और उन्होंने द टेलीग्राफ को छोड़कर एनडीटीवी दिल्ली ज्वॉइन कर लिया । एनडीटीवी के साथ काम करते हुवे उन्होंने कई शो भी किया था । अपने अच्छे काम के लिए उन्हें ” श्रेष्ठ न्यूज एंकर ऑफ़ एशिया 2004″ के सम्मान से सम्मानित किया । वे 1996 से 2006 तक एनडीटीवी के सदस्य रहे ।

टाइम्स नाव

2006 में एनडीटीवी से अलग होने के पश्चात उन्होंने टाइम्स नाव ज्वॉइन कर लिया । उन्होंने टाइम्स नाव में मुख्य संपादक के रूप में कार्य किया । उनकी कई शो प्रचलित थी जिनमें कई सेलेब्रिटी भी दिख चुके थे । उनके एक टेलीविजन शो “न्यूज आवर” रात को 9 बजे आती थी जिसमे परवेज़ मुशर्रफ़ दिख चुके हैं । इसके अलावा इनका एक और शो है जिसमें जाने माने हस्तियां दिख चुके हैं । वे “फ्रेंकली स्पीकिंग विथ अर्नब” शो होस्ट करते थे जिसमें बेनजीर भुट्टो, यूके के पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, दलाई लामा आदि जैसे कई बड़े चेहरे इनके शो में आ चुके हैं । इन सभी बड़े हस्तियों के साथ शो करने के कारण अर्नब काफी प्रचलित भी हो गए । अर्नब ऐसे पहले टीवी एंकर हैं जिन्होंने सर्वप्रथम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का इंटरव्यू भी लिया है । 1 नवंबर 2016 को अर्नब ने पत्रकारिता में स्वतंत्रता की कमी और राजनीति के वजह से मुख्य संपादक पद से इस्तीफा दे दिया । इस्तीफा के बाद उन्होंने अपना लास्ट शो “न्यूज आवर डिबेट” होस्ट किया ।

रिपब्लिक टीवी

प्रारम्भ में रिपब्लिक टीवी को एशिया नेट से फंड प्राप्त होता था जो मुख्य रूप से राज्य सभा के स्वतंत्र सदस्य राजीव चंद्रशेखर द्वारा फंड दिया जाता था । राजीव चंद्रशेखर का झुकाव बीजेपी की ओर था इसलिए कुछ समय पश्चात उन्होंने बीजेपी जॉइन कर लिया । कुछ समय पश्चात चंद्रशेखर ने ARG Outlier Asianet News Pvt Ltd के बोर्ड में निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया यह कंपनी रिपब्लिक टीवी के अंदर आती थी । इसके बाद टोटल शेयर में से अधिकतम शेयर अर्नब गोस्वामी और उनके पत्नी के नाम पर था । मई 2019 में कंपनी का पूर्ण स्वामित्व प्राप्त करने के लिए शेयर का एक हिस्सा खरीदा । रिपब्लिक मीडिया ने एक बयान जारी करके यह जानकारी दी कि अर्नब गोस्वामी कंपनी का 82 प्रतिशत से अधिक का शेयर रखते हैं और कंपनी की डिजिटल संपत्ति को नियंत्रित करने वाली डाउनस्ट्रीम डिजिटल इकाई में 99% का हिस्सेदारी रखती है । इस कारण से कंपनी का स्वामित्व अर्नब गोस्वामी को जाता है । जब रिपब्लिक टीवी अर्नब के हाथ में आई उसके बाद रिपब्लिक टीवी अंग्रेजी 100 हप्तों तक लगातार सबसे ज्यादा देखी जाने वाली अंग्रेजी न्यूज चैनल बन गई ।

विवाद

शशि थरूर विवाद

शशि थरूर ने अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के ऊपर दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का केस किया था । शशि थरूर का आरोप था कि उनके पत्नी से संबंधित कुछ विवादित खबर चलाई गई थी । चैनल की प्रतिक्रिया की मांग करते हुए, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा, “बयानबाजी को नीचे लाएं। आप अपनी कहानी बाहर रख सकते हैं । आप तथ्यों को बाहर रख सकते हैं, आप उन्हें नामों से नहीं बुला सकते।

केरलवासियों पर टिप्पणी

2018 में अर्नब गोस्वामी का 30 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अर्नब ने एक ग्रुप को सबसे बेशरम भारतीय कहा था जो उन्होंने अपने जिंदगी में देखा है । इसके बाद सोशल मीडिया में इसका काफी ज्यादा विरोध किया गया । इसके अलावा ” जो लोग सरकार का विरोध करते हैं वे देशद्रोही हैं, पैड एजेंट हैं आदि कहा था ।” इस बात को भी कहकर वे विवादों में फंस गए थे ।

समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (NBSA) सेंसर

30 अगस्त 2018 को, भारत के न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBSA) ने रिपब्लिक टीवी से एक राजनीतिक रैली में लोगों के एक झुंड का वर्णन करने के लिए कई आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के लिए फुल-स्क्रीन माफी मांगने की मांग की, जो उनके एक पत्रकार को परेशान कर रहे थे। रिपब्लिक टीवी ने शिकायत प्राप्त करने के बाद “अपनी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल से वीडियो को हटा दिया, लेकिन बजाय एक अपील दायर करने के, एनबीएसए के आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया । इसके पश्चात अक्टूबर 2019 में दोबारा माफी मांगने के लिए कहा गया फिर भी अर्नब गोस्वामी ने इस बात को नहीं माना ।

2020 पालघर मोब लिंचिंग

2020 में पालघर मामले में भड़काऊ बयान देने तथा गलत जानकारी देने के आरोप में अर्नब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी ।

आत्महत्या मामला

गोस्वामी को 4 नवंबर 2020 को मुंबई पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 306 और धारा 34 के तहत अन्वय नाइक के 2018 के आत्महत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। आत्महत्या करने वाले ने अपने सुसाइड नोट में गोस्वामी सहित तीन व्यक्तियों से बकाया भुगतान न करने का आरोप लगाया था । अर्नब को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 11 नवंबर 2020 को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था।

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