राजनेता ओम बिरला जीवनी (Om Birla Biography In Hindi)

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ओम बिरला वर्तमान (2020) के लोकसभा अध्यक्ष हैं । वे एक राजनीतिज्ञ हैं और राजनीतिक दल की दृष्टि से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं । वे राजस्थान विधानसभा के लिए 3 बार चुने जा चुके हैं । वे इन सब के अलावा एक कृषिविद और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं ।

नाम ओम बिरला
जन्म तिथि 4 दिसंबर 1962
जन्म स्थल कोटा, राजस्थान
पिता श्री श्रीकृष्ण बिड़ला
माता स्वर्गीय श्रीमती शकुंतला देवी
पत्नी डॉ. अमृता बिरला
व्यवसाय समाजसेवक एवं राजनीतिज्ञ
राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP)
राष्ट्रीयता भारतीय

प्रारंभिक जीवन

इनका जन्म 4 दिसंबर 1962 को कोटा राजस्थान में हुआ था । उनके पिता का नाम श्री श्रीकृष्ण बिड़ला तथा माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती शकुंतला देवी है । उन्होंने कॉमर्स विषय में मास्टर की डिग्री शासकीय कॉमर्स कॉलेज कोटा तथा महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी अजमेर से प्राप्त की है । बाद में कुछ वर्षों पश्चात उनका विवाह डॉ. अमृता बिरला के साथ संपन्न हो गया । उनका मार्ग राजनीति में 1987 से ही बन गया था । शादी के कुछ वर्षों के पश्चात उन्हें दो पुत्रियां की प्राप्ति हुई ।

व्यवसाय/कैरियर

इनका राजनीतिक कैरियर बहुत ही लंबी और संतुलित रहा है । वे बहुत पहले से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आर एस एस) के एक सक्रिय सदस्य रहे थे । उन्होंने अपनी राजनीतिक कैरियर का पहला सीढ़ी 1987 में चढ़ा जब उन्हें “भारतीय जनता युवा मोर्चा” का जिला प्रेसिडेंट बनाया गया । इसके पश्चात उनके राजनीतिक कैरियर में एक के पश्चात एक उपलब्धि प्राप्त होते रही । 1991 में उन्हें जिला प्रेसिडेंट से “भारतीय जनता युवा मोर्चा” दल का राज्य प्रेसिडेंट बना दिया गया तथा कुछ वर्षों पश्चात 1997 में उन्हें इसी मोर्चा दल का राष्ट्रीय प्रेसिडेंट बना दिया गया ।

ओम बिड़ला ने अपना पहला विधानसभा चुनाव कोटा दक्षिण से 2003 में लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस से शांति धारीवाल को 10,101 मतों से हराया था। संसद सदस्य के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान, वे ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति के सदस्य थे और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के लिए याचिकाओं और परामर्शदात्री समिति की समिति के सदस्य थे।  अगले विधानसभा चुनावों में, उन्होंने 2008 में कांग्रेस से अपने निकटतम उम्मीदवार राम किशन वर्मा को 24,300 वोटों के बड़े अंतर के साथ अपनी सीट का बचाव किया। वे कोटा निर्वाचन क्षेत्र से 16 वीं और 17 वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे। 2003-8 में अपने कार्यकाल के दौरान, वे राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव (MoS रैंक) थे। उन्होंने अपना तीसरा विधानसभा चुनाव 2013 में पंकज मेहता के विरुद्ध 50 हजार वोटों के अंतर से जीता । 2014 के आम चुनावों में, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इज्यराज सिंह को हराया जो कोटा के एक शाही परिवार से थे। वे 19 जून 2019 को 17वें लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए चुने गए और वर्तमान (2020) में इस पद पर कार्यरत हैं ।

अपने राजनीतिक कैरियर से हटकर वे एक अच्छे इंसान भी हैं । उन्होंने लोगों के हित से संबंधित कई सामाजिक कार्यक्रम भी किए हैं । उन्होनें 2012 में “परिधान” नामक एक कार्यक्रम चलाया था जिसका उद्देश्य असहाय लोगों को कपडे उपलब्ध कराना । इसके अलावा इन्होंने एक अन्य कार्यक्रम भी किया था जिसका उद्देश्य गरीब लोगों को मुक्त में भोजन एवं दवाइयां उपलब्ध कराना था ।

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